पैथोलॉजी लैब एसोसिएशन की याचिका पर हाईकोर्ट का अहम आदेश: लंबित अभ्यावेदन पर 21 दिनों में निर्णय लेने के निर्देश
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इंदौर/रतलाम/ D I T NEWS :- मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ ने रतलाम पैथोलॉजी लैब एसोसिएशन द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए संबंधित प्राधिकारी को निर्देश जारी किए हैं। माननीय न्यायमूर्ति श्री संदीप एन. भट्ट की एकल पीठ ने रिट याचिका क्रमांक 37625/2026 में 23 सितंबर 2026 को आदेश पारित करते हुए प्राधिकारी को एसोसिएशन के लंबित अभ्यावेदन (Representation) पर 21 दिनों के भीतर विधि अनुसार निर्णय लेने को कहा है।
क्या है पूरा मामला?
रतलाम पैथोलॉजी लैब एसोसिएशन ने अपने अधिकृत प्रतिनिधि दिनेश बरमेचा के माध्यम से संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में 22 अक्टूबर 2024 को जारी सर्कुलर तथा 28 जुलाई 2026 के कारण बताओ नोटिस को असंवैधानिक व नियम विरुद्ध बताते हुए निरस्त करने की मांग की गई थी। साथ ही, एसोसिएशन के सदस्यों के खिलाफ किसी भी तरह की दंडात्मक या कठोर कार्रवाई (Coercive Action) न करने का अनुरोध किया गया था।
अदालत में दी गई दलीलें
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता एम. रिजवान खान एवं खुजेमा कपाड़िया ने पक्ष रखा। उन्होंने कोर्ट को बताया कि प्रशासन के कारण बताओ नोटिस के जवाब में एसोसिएशन द्वारा एक विस्तृत अभ्यावेदन सक्षम अधिकारी के समक्ष पहले ही प्रस्तुत किया जा चुका है। इसमें हाईकोर्ट की रिट अपील के पूर्व आदेशों का संदर्भ भी शामिल है, जो वर्तमान में रेस्पोंडेंट नंबर 3 के समक्ष विचारधीन है।
21 दिनों में निराकरण का आदेश
मामले के तथ्यों पर विचार करने के बाद हाईकोर्ट ने याचिका का निराकरण कर दिया। न्यायालय ने रेस्पोंडेंट नंबर 3 को आदेश की प्रमाणित प्रतिलिपि मिलने के 21 दिनों के अंदर रिकॉर्ड की सामग्री के आधार पर अभ्यावेदन का निपटारा करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसने मामले के गुण-दोष (Merits) पर कोई अंतिम टिप्पणी नहीं की है।