तकनीकी जांच और CEIR पोर्टल का कमाल
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार लाल के मार्गदर्शन में साइबर सेल ने इन मोबाइलों को ट्रेस करने के लिए विशेष अभियान चलाया। टीम ने केंद्र सरकार के CEIR पोर्टल और आधुनिक तकनीकी संसाधनों का उपयोग कर इन हैंडसेट्स की लोकेशन ट्रेस की।
बरामद किए गए फोन केवल रतलाम ही नहीं, बल्कि इंदौर, धार, मंदसौर, नीमच, उज्जैन और झाबुआ जैसे विभिन्न जिलों से बरामद किए गए हैं।
अनजाने में उपयोग कर रहे थे लोग
पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि अधिकांश मोबाइल फोन लोगों को रास्ते में गिरे हुए मिले थे, जिन्हें उन्होंने अनजाने में उपयोग करना शुरू कर दिया था। पुलिस ने ऐसे सभी व्यक्तियों को समझाइश दी है कि भविष्य में कोई भी लावारिस मोबाइल मिलने पर उसे तुरंत नजदीकी थाने में जमा कराएं, अन्यथा यह कानूनी अपराध की श्रेणी में आ सकता है।
बरामद ब्रांड्स: पुलिस द्वारा बरामद किए गए फोन में Apple (iPhone), Samsung, Vivo, Realme, Redmi और Oppo जैसी बड़ी कंपनियों के महंगे हैंडसेट्स शामिल हैं।
साइबर सुरक्षा के प्रति किया जागरूक
मोबाइल वितरण के दौरान साइबर सेल की टीम ने नागरिकों को केवल फोन ही नहीं सौंपे, बल्कि उन्हें साइबर फ्रॉड (Cyber Fraud) से बचने के तरीके भी सिखाए। टीम ने बताया कि कैसे अपनी व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित रखें और किसी भी संदिग्ध लिंक या कॉल से सावधान रहें।
इन अधिकारियों की रही सराहनीय भूमिका
इस सफल अभियान में साइबर सेल की टीम का विशेष योगदान रहा, जिसमें मुख्य रूप से शामिल थे:
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निरीक्षक अमित कोरी, उप निरीक्षक जीवन बारिया।
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प्रधान आरक्षक: मनमोहन शर्मा, लक्ष्मीनारायण सूर्यवंशी, हिम्मत सिंह।
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आरक्षक: विपुल भावसार, मयंक व्यास, राहुल पाटीदार, तुषार सिसौदिया, मोर सिंह, जितेंद्र चौधरी और वीरेंद्र डाबी।
पुलिस की अपील: ईमानदारी दिखाएं, पुरस्कार पाएं
रतलाम पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी को भी सड़क पर या कहीं और मोबाइल फोन मिलता है, तो उसे अपने पास रखने के बजाय थाने में जमा करें। पुलिस ने घोषणा की है कि मोबाइल जमा कराने वाले ईमानदार नागरिकों को उचित पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। पुलिस का यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।