सैलाना में गौवंश हत्या का सनसनीखेज खुलासा: दो शातिर आरोपी गिरफ्तार, वारदात में इस्तेमाल वाहन भी जब्त

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सैलाना में गौवंश हत्या का सनसनीखेज खुलासा: दो शातिर आरोपी गिरफ्तार, वारदात में इस्तेमाल वाहन भी जब्त

रतलाम । D I T NEWS 

सैलाना पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए बांसवाड़ा रोड पर हुई गौवंश हत्या के सनसनीखेज मामले का चंद घंटों में खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस घिनौने कृत्य में शामिल दो कुख्यात आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है, साथ ही वारदात में इस्तेमाल किया गया वाहन भी जब्त कर लिया गया है। पकड़े गए आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है।

कॉलेज के सामने मिला था कटा सिर

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 17 जून को विनोबा मार्ग (गवली मोहल्ला) निवासी राजवीर पिता दिलीप ग्वाले (21) ने थाना सैलाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। फरियादी ने बताया कि 16 जून की रात करीब 11 बजे उन्हें सूचना मिली कि बांसवाड़ा रोड स्थित नर्सिंग कॉलेज के सामने, कोटड़ा रोड पर एक खेत के किनारे गाय का कटा हुआ सिर, पैर और चमड़ी पड़ी हुई है। सूचना मिलते ही फरियादी ने अपने साथियों रोहित जोशी, संदीप टिकादार और जीवन कसेरा के साथ मौके पर पहुंचकर देखा, तो अज्ञात बदमाशों द्वारा निर्दयतापूर्वक गौवंश की हत्या कर उसके अंग वहां फेंके गए थे। पुलिस ने तुरंत अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 201/2026, धारा 4, 9 म.प्र. गोवंश वध प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

एसपी के निर्देश पर बनी स्पेशल टीम, ऐसे दबोचे गए आरोपी

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अमित कुमार (IPS) ने तुरंत संज्ञान लिया और समय-सीमा में खुलासे के निर्देश दिए। एडिशनल एसपी व एसडीओपी श्रीमती नीलम बघेल के मार्गदर्शन में सैलाना थाना प्रभारी निरीक्षक पिंकी आकाश के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।

टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर तकनीकी साक्ष्य जुटाए और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर दो संदिग्धों को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त वाहन को भी जब्त कर लिया गया।

पकड़े गए आरोपी हैं आदतन अपराधी

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, पकड़े गए दोनों आरोपी पहले भी कई गंभीर मामलों में शामिल रहे हैं:

  1. सुनील पिता रमसू वसुनिया (निवासी ग्राम इटावा, झाबुआ): इसके खिलाफ पहले से थाना रिंगनोद (रतलाम) और थाना नागदा (उज्जैन) में गोवंश वध प्रतिषेध और पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मामले दर्ज हैं।

  2. दुलसिंह पिता बारजी डिंडोर (निवासी ग्राम कोटड़ा, सैलाना): इस पर थाना सैलाना में मारपीट और गाली-गलौज (धारा 323, 294, 506, 34) के दो मामले तथा थाना रावटी में गोवंश वध प्रतिषेध अधिनियम का मामला दर्ज है।

इस टीम की रही सराहनीय भूमिका

सराहनीय कार्य करने वाली इस टीम में थाना प्रभारी पिंकी आकाश, उपनिरीक्षक शिवाजी राव जगताप, सउनि शंकरसिंह शक्तावत, हितेन्द्र सिंह परिहार, सीताराम तेनीवार, प्रधान आरक्षक नरेन्द्रसिंह, मनीष ओझा, पप्पू वाघेला, संदीप भदोरिया, आरक्षक फकीरचन्द्र सोलंकी (थाना नामली), तूफान भूरिया, दिनेश पाटीदार, यशपाल धनगर, मनीष खराड़ी, सूर्यप्रसाद, विजय मोहनिया, भारत अलावा, मुरली कटारिया, संदीप भदौरिया सहित साइबर सेल से कार्यवाहक प्रधान आरक्षक मनमोहन शर्मा और आरक्षक विपुल भावसार की मुख्य भूमिका रही। पुलिस प्रशासन द्वारा पूरी टीम की पीठ थपथपाई गई है।