शहर काजी को शहादत मिलने पर रतलाम में रमजान का इस्तकबाल, कल रखा जाएगा पहला रोजा :इबादत और दुआओं का दौर शुरू

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शहर काजी को शहादत मिलने पर रतलाम में रमजान का इस्तकबाल, कल रखा जाएगा पहला रोजा :इबादत और दुआओं का दौर शुरू

रतलाम | D I T NEWS 

रतलाम | बरकतों और इबादतों का मुकद्दस महीना 'रमजान-उल-मुबारक' शुरू हो गया है। बुधवार देर शाम हालांकि आसमान में बादलों या अन्य कारणों से चांद के सीधे दीदार नहीं हो सके, लेकिन शहर काजी द्वारा चांद की तस्दीक (शहादत) मिलने के बाद शहर में रमजान के आगाज का ऐलान कर दिया गया।

शहादत मिलते ही गूंजी मुबारकबाद

​शाम से ही लोग छतों और खुले मैदानों में चांद देखने की कोशिश कर रहे थे। जब काफी देर तक चांद नजर नहीं आया, तो सबकी नजरें शहर काजी के फैसले पर टिकी थीं। जैसे ही शहर काजी मौलवी सैय्यद अहमद अली साहब ने शरीयत के नियमों के तहत चांद होने की शहादत (गवाही) मिलने कि दी और सोशल मीडिया पर एक वीडियो और अपने लेटर जरी किया, वैसे ही पूरे रतलाम में खुशी की लहर दौड़ गई।

सोशल मीडिया और फोन पर बढ़ा उत्साह

​ऐलान होते ही मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में रौनक बढ़ गई। मस्जिदों से तरावीह की नमाज की ऐलान किया। लोगों ने एक-दूसरे को गले लगकर और फोन के जरिए रमजान की मुबारकबाद देना शुरू कर दिया। बाजार में भी सेहरी और इफ्तार के सामान की खरीदारी के लिए देर रात तक चहल-पहल देखी गई।

इबादत और दुआओं का महीना: रमजान का महीना इस्लामी कैलेंडर का नौवां महीना होता है, जिसे अत्यधिक पाक (पवित्र) माना जाता है। इस पूरे महीने में मुस्लिम समुदाय के लोग फजर के वक्त से (सूर्योदय से सूर्यास्त) मगरिब की नमाज तक रोजा रखते हैं, जिसमें खाने-पीने से परहेज किया जाता है। दिन के समय रोजा रखने के साथ-साथ, रात में विशेष इबादतें और दुआएं की जाती हैं।

  • सेहरी और इफ्तार: रोजेदार सुबह सेहरी कर के रोजे की शुरुआत करते हैं और शाम को अजान के बाद इफ्तार कर के रोजा खोलते हैं। इफ्तार में खजूर और पानी को प्राथमिकता दी जाती है।

  • तरावीह की नमाज: रमजान की एक खास पहचान 'तरावीह' की नमाज है, जो ईशा की नमाज के बाद अदा की जाती है। इसमें कुरान-ए-पाक की तिलावत (पाठ) की जाती है। रतलाम की सभी मस्जिदों में तरावीह के लिए खास इंतजाम किए गए हैं।

  • कुरान और जकात: इस महीने में कुरान शरीफ का तिलावत करने और गरीबों व जरूरतमंदों को 'जकात' (दान) देने का भी विशेष महत्व होता है।

शहर में उत्साह का माहौल: चांद की शहादत मिलते ही रतलाम के बाजारों में भी रौनक बढ़ गई है। इफ्तार के लिए विभिन्न तरह के पकवान, खजूर और फलों की दुकानें सजी हुई हैं। मुस्लिम समुदाय के लोग एक-दूसरे को रमजान की मुबारकबाद देते हुए नजर आ रहे हैं। इस पाक महीने में शहर में अमन, शांति और भाईचारे की दुआएं मांगी जाएंगी।

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