रतलाम | D I T NEWS
मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में अब सरकारी बाबू और अधिकारी बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन चलाते नजर नहीं आएंगे। जिला प्रशासन ने सड़क सुरक्षा नियमों को लेकर कड़ा रुख अपना लिया है। कलेक्टर कार्यालय द्वारा जारी ताजा आदेश के मुताबिक, कार्यालय आने वाले उन सभी शासकीय कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी जो बिना हेलमेट बाइक या स्कूटर चलाते पाए जाएंगे।
लाइसेंस रद्द करने की तैयारी
अपर कलेक्टर डॉ. शालिनी श्रीवास्तव द्वारा जारी आदेश में साफ़ तौर पर कहा गया है कि हेलमेट नहीं पहनने वाले कर्मचारियों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित या निरस्त (Cancel) किए जाएंगे। यह आदेश सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी की बैठक के बाद जिले के सभी विभाग प्रमुखों को भेज दिया गया है।

क्या है जो आपको जानना जरूरी है..?
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अनिवार्यता: सभी सरकारी दफ्तरों में दोपहिया वाहन से आने वाले कर्मचारियों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य है।
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निगरानी: हर विभाग के प्रमुख को अब अपने कर्मचारियों पर नजर रखनी होगी।
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डेडलाइन: प्रत्येक महीने की 5 तारीख तक विभाग प्रमुखों को जिला परिवहन अधिकारी (DTO) को रिपोर्ट भेजनी होगी।
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चालान: नियम तोड़ने वालों से वसूली गई चालान राशि को शासन के निर्धारित हेड में जमा करना होगा।
क्यों लिया गया यह फैसला?
अक्सर देखा जाता है कि यातायात नियमों का पालन करवाने वाले विभागों के कर्मचारी ही स्वयं हेलमेट नहीं पहनते। प्रशासन का मानना है कि सरकारी कर्मचारी समाज के लिए रोल मॉडल होते हैं। अगर वे खुद नियमों का पालन करेंगे, तभी आम जनता को जागरूक किया जा सकेगा। 28 जनवरी 2026 को हुई जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में इस मुद्दे पर गंभीर चर्चा हुई थी, जिसके बाद यह सख्त कदम उठाया गया है।
पुलिस और परिवहन विभाग को भी अलर्ट
इस आदेश की प्रति पुलिस अधीक्षक (SP), जिला परिवहन अधिकारी (DTO) और यातायात पुलिस को भी भेजी गई है, ताकि वे जिले के प्रमुख चौराहों के साथ-साथ सरकारी दफ्तरों के बाहर भी चेकिंग अभियान चला सकें।
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