रतलाम में 'डिजिटल अरेस्ट' की कोशिश: फर्जी DSP बनकर युवक को धमकाया, सरवन पुलिस की मुस्तैदी से टला बड़ा फ्रॉड
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रतलाम | D I T NEWS
जिला रतलाम के थाना सरवन क्षेत्र में साइबर अपराधियों द्वारा ब्लैकमेलिंग का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। शातिर ठगों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर एक युवक को कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर फंसाने की कोशिश की, लेकिन थाना प्रभारी की सूझबूझ ने पीड़ित को आर्थिक और मानसिक चोट पहुंचने से बचा लिया।
हनीट्रैप और फर्जी पुलिस का जाल
घटना के अनुसार, पीड़ित को पहले एक अज्ञात युवती का व्हाट्सएप वीडियो कॉल आया, जिसमें अश्लील हरकतों के जरिए उसे जाल में फंसाने की कोशिश की गई। अगले ही दिन एक अन्य जालसाज ने खुद को DSP बताते हुए युवक को कॉल किया। उसने धमकी दी कि अश्लील वीडियो के मामले में युवक के खिलाफ गंभीर केस दर्ज हो चुका है और उसे तुरंत जेल भेजा जाएगा।
ऐसे नाकाम हुई ठगी की साजिश
कथित फर्जी अधिकारी ने केस रफा-दफा करने के बदले पैसों की मांग शुरू कर दी। घबराया हुआ युवक अपने परिजनों के साथ तुरंत थाना सरवन पहुंचा। थाना प्रभारी अर्जुन सेमलियार ने तत्काल मामले की गंभीरता को समझा और पीड़ित को ढांढस बंधाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह साइबर अपराधियों का एक सुनियोजित तरीका है जिसे 'डिजिटल अरेस्ट' या 'सेक्सटॉर्शन' कहा जाता है।
थाना प्रभारी, (सरवन) की समझाइश
"कोई भी असली पुलिस अधिकारी व्हाट्सएप या वीडियो कॉल पर इस तरह गिरफ्तारी की धमकी नहीं देता। यह केवल डराने और पैसे ऐंठने का तरीका है।"
रतलाम पुलिस की विशेष एडवाइजरी
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में साइबर सेल रतलाम ने आमजन के लिए सुरक्षा टिप्स जारी किए हैं:
वर्दी का डर: CBI, ED या पुलिस अधिकारी कभी भी व्हाट्सएप कॉल पर धमकी देकर पैसे नहीं मांगते।
वीडियो कॉल से बचें: किसी भी अनजान नंबर से आने वाले वीडियो कॉल को न उठाएं।
घबराएं नहीं: अगर कोई डराए, तो डरने के बजाय तुरंत परिजनों को बताएं और नजदीकी थाने जाएं।
हेल्पलाइन नंबर: साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 डायल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
पुलिस की अपील: सतर्क रहें, सुरक्षित रहें। आपकी जागरूकता ही साइबर अपराधियों का सबसे बड़ा इलाज है।